मुस्कुराने कीबात
आशियानेकी बात करते हो
दिल जलाने की बात करते हो
सारी दुनिया के रंज-ओ-ग़म दे कर
मुस्कुराने की बात करते हो
हम को अपनी ख़बर नहीं यारो
तुम ज़माने की बात करते हो
ज़िक्र मेरा सुना तो चढ़ के कहा
किस दिवाने की बात करते हो
सोच की कोई दिशा नहीं पर समझ की सुन्दर काया है Soch ki koi disha nahi pr samjh ki sundar kaya hai.
जगमगाते शहर के रानाईयों में, क्या न था ढूंढने निकला था जिसको मैं, वही चेहरा न था ।। मिलते चले लोग कई, राह में क्या न था ढूंढने निकला था ...
4 comments:
Wah wah wah way👍👍🌹
Superb mentu
Good
thanks
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