अधिक बुद्धि प्रायः कष्ट देती है,
गहरी भावनाएँ जीवन को संक्षिप्त करती हैं।
परंतु आगे एक खुला रास्ता है,
हर मोड़ पर अवसर हैं।
फिर भी तुम्हारी दृष्टि इसे देख नहीं पाती,
जीवन में हालात; या तो अच्छे या फिर बुरे होते हैं।
भांति - भांति के लोग व विचार होते हैं,
परंतु वे किसी का दर्जा तय नहीं करते।
सत्य यही है -
जब तक तुम दयालु हो, चाहे तुम्हारी शारीरिक क्षमताएँ सीमित हो,
तब भी तुम बदलाव ला सकते हो, जीवन जगत में उजियारा कर सकते हो।
-@maira

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