कहीं तारों से भरा हुआ रात का आसमाँ है,
तो कहीं खिलखिलाती सुबह की चमक है।
ये रंग जिन्हें हम अपनी दोनों आँखों से देखते हैं,
अकसर बदलते रहते हैं ।
तारों से भरी रात में ये पीला रंग,
सुनहरी बारिश की तरह है।
या फिर एक सुंदर लाल फूल
जैसे अंधेरे में जोश से जलता हुआ
मन में छुपा एक जुनून है ।
हर रंग में बसता है जीवन,
जब बदलते हैं रंग तब
बदलता है जीवन ।। -@maira
सोच की कोई दिशा नहीं पर समझ की सुन्दर काया है Soch ki koi disha nahi pr samjh ki sundar kaya hai.
Saturday, May 17, 2025
बदलता है जीवन
Thursday, May 1, 2025
खुश हूँ
खुश हूँ
खुश हूँ दिन भर मुद्राएं जोड़ने में
खुश हूँ उन्हें न खर्च करने में।।
खुश हूँ स्वयं को ब्यस्त रखने में,
खुश हूँ किसी को न मिलने में।।
खुश हूँ परिवार में न रह कर, परिवार बनाने में।
खुश हूँ किसी और को खुश रखने में।।
खुश हूँ चित- परिचित साथी को छोड़, काल्पनिक रिश्ते बनाने में।
खुश हूँ अपने कर्तव्यों का भार, दूसरे के सर मढ़ने में।।
खुश हूँ जीवन न जी कर, अंजाने पलों को जीने में।
खुश हूँ स्वयं को न जानकर, औरों को पढ़ने में।।
खुश हूँ ये समझकर,
कि क्या मैं खुश हूँ?
-- @ maira
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