Monday, September 7, 2020

Ek naya anubhav ( New Experience)

 एक नया अनुभव


मैंने चिड़ियाँ से कहा,

"मैं तुम पर कविता लिखना चाहती हूँ."......

चिड़ियाँ ने  मुझसे पूछा.... 
तुम्हारे शब्दों मे, मेरे परों की रंगिनी है? 
मैंने कहा... "नहीं "। 

तुम्हारे शब्दों में ,मेरे कंठ का संगीत है? 
 मैंने कहा......"नहीं"।। 

तुम्हारे शब्दों में, मेरे डैनों की उड़ान है? 
मैंने कहा......"नहीं"।। 
"जान है?"
"नहीं".... ।। 

तब तुम मुझ पर ,कविता क्या लिखोगी....? 
मैंने कहा ....."पर तुमसे मुझे प्यार है"।। 
चिड़िया बोली. ..प्यार का, शब्दों से क्या सरोकार है? 
 

                         एक नया अनुभव हुआ...... 

                           मैं मौन हो गयी....।। 

 













 


Thursday, August 27, 2020

काग़ज़ और स्याही ( paper and ink)

 

काग़ज़ और स्याही 

 

यूँ इतरा के एक दिन स्याही, 
कोरे काग़ज़ से है पूछती..... 

बोलो..! लफ्ज़ बन कर 
किस रंग मे उतरूँ आज? 

मुस्कुराता काग़ज़ बोला ..... 
तुम मेरी शोभा, मेरी पहचान, मेरा गुरूर हो 
हर रंग में, हर दिन मुझे मंजूर हो...।। 

मैं नही कहता..... 
है इतिहास गवाह, तेरे- मेरे साथ का। 
रिश्ता हमारा मोहताज़ नहीं .... 
किसी रंग, रूप और आकार का.....।। 


 







 

Saturday, July 25, 2020

Meri Diary


  मेरी डायरी
 
 
         पलटे जो पन्ने अपनी डायरी के, 
         इस बात से रूबरू हुई .. ....... ।। 

डूबो लो भले कलम कई रंगीन स्याही में, 
लिखावट के लिए एक स्याही जरूरी हुई... ।। 
 
पहले पृष्ठ पर सुंदर चित्रकारी ,
अंतिम पृष्ठ शायरी के........... 

दोनों ही सुखद बस मध्य में, 
उलझनों की स्याही बिखरी हुई..... । । 

बहुत भाग अभी खाली है डायरी में, 
अब कल्पना की नहीं, अनुभव की लेखनी मेरी हुई।। 

 पलटे जो पन्ने अपनी डायरी के, 
  इस बात से रूबरू हुई .. ....... ।। 


Friday, July 24, 2020

Safar ( Journey)


कौन जाने ये सफर कितना है..... 
ना ख्वाहिशें , ना उम्मीद का बिखरना है
इसमें हरदम खुशी से चलना है

कौन जाने ये सफर कितना है..... 
ना आंखों में दिलकश सूरत तेरी ,ना शौक अमीरी रखना है
इसमें  हर पल तेरी मोहब्बत में जीना है

कौन जाने ये सफर कितना है...... 
ना तुझे , ना तेरी चाहत को जीतना है
 इसमें हर दिन बेखौफ तेरी यादों में रहना है

कौन जाने ये सफर कितना है.... 
ना तेरे पास आना ,ना तुझसे दूर जाना है
 इसमें हर शाम का गीत तेरे साथ गुनगुनाना है

कौन जाने ये सफर कितना है.... 
ना अपना ,न पराया कह लाना है
इसमें तेरी प्यारी यादों के साथ गुजर जाना है

                                                -Maira


 

Monday, June 15, 2020

Khwab (Dream)



यूँ ज़िंदगी के ख्वाब दिखा गया कोई

मुस्कुरा के, अपना बना गया कोई .....

 

बहती हवाओं  को यूँ थाम कर

कोयल की तरह , गीत सुना गया कोई ……

 

एक प्यारी सी मुस्कराहट से ....

ग़मो की चादर हटा गया कोई |

 

धूल लगी किताब के पन्ने जब मैंने पल्टे..

सूखे गुलाब की खुसबू याद दिला गया कोई |

 

बारिश की रिम झिम बूंदो के बीच ...

बिन आहट के अपना बना गया कोई |

 

मैं सिमटी हुई सी पुरानी बातों की गरदिश में

फिर से मुझे जीने का मकसद सीखा गया कोई ....

 

At Home, Corona, House, Virus, Covid-19, Curfew



 


Sunday, June 14, 2020

Sawalo ka dayara ( boundaries of Questions)


सवालों का दायरा





Woman, Girl, Walken, Go For A Walk, Backpack, Out

सवालों का दायरा बढ़ सा गया, कविता में मेरी ....
शायद जवाब जानना हो गया, उतना ही जरुरी |

तेरे अंदर की अच्छाई को न जान सका कोई...... 
लेकिन बुराई को छाँट- छाँट कर सवांरने लगा हर कोई |

क्यों जुबां की मिठास को कमजोरी मान ली गयी ,
न लड़ - झगड़ने के स्वभाव को बेईमान मान ली गयी 

आज इस दौर में ये क्या होता जा रहा .....
वो खुद अविश्वासी, विश्वास की बातें बता रहा |

इंसानियत , उसके ज़हन से उतरने लगी ...
मदद के नाम पर , स्वार्थी सूरत निखारने लगी |

ज़िंदगी इन सवालों में उलझ सी गयी ....
बिना जवाबों के ही ,ये कविता भी ख़त्म हुई ||

                                                                           - Maira 














Tuesday, June 2, 2020

अधूरी मोहब्बत Adhuri mohabbat





अधूरी मोहब्बत 


अधूरी मोहब्बत आखिर निभाना किसे नहीं आया ?
बताना मुझे नहीं आया ,जताना उसे नहीं आया ......

चुप्पी में भी ज़ज़्बातो की शिकायत बखूबी हुई 
सताना मुझे नहीं आया , मनाना उसे नहीं आया ......

अपनी - अपनी जिंदगी के बस अपने - अपने लम्हे 
हँसाना मुझे नहीं आया , रुलाना उसे नहीं आया ....

अब तू ही बता .....ए - दिल 
अधूरी मोहब्बत आखिर निभाना किसे नहीं आया ?
        मुझे नहीं आया , उसे नहीं आया......|| 








Monday, June 1, 2020

Uska naam (His Name)






 
सर झुकाओगे तो , पत्थर देवता हो जायेगा 
इतना मत चाहो उसे , वो बेवफा हो जायेगा || 

हम भी दरिया हैं , हमें भी अपना हुनर मालूम है 
जिस तरफ चल पड़ें , रस्ता हो जायेगा ||

मैं उसका नाम लेकर पी रही हूँ दोस्तों ,
ज़हर भी इसमें गर होगा तो , दवा हो जायेगा ||



Girl, Sadness, Loneliness, Sad, Depression, Alone


       मेरी रचना मेरी कल्पना   


 








































































Monday, May 25, 2020

Hausala (courage)

मेरी रचना मेरी कल्पना

तेज लहरों से उलझ के कश्ती को, साहिल पे लगाना है
'मौन' रह के यूँ ही बढ़ता चल, अभी बहुत दूर जाना है।।

रखेगा खुद पे यकीन अगर निश्चित ही आगे चला जायेगा
उम्मीद क्यों है पाली तूने यहाँ कौन तेरा हौसला बढ़ायेगा।।

Saturday, May 23, 2020

मेरी जिंदगी( My Life)


मेरी जिंदगी


ये मैं कैसी जिंदगी जी रही
कुछ बातों- यादों में..... 

ख़ुद को साबित कर रही
ख्वाबों - इरादों में...... 

ज़ुबां से मैं सच कह रही
सब ढूंढे सबूतों - गवाहों में... 

ये मैं कैसी जिंदगी जी रही
कुछ बातों- यादों में...... 

मैं चलती- ठेहरती जा रही
कहीं दूर - दराज़ो में..... 

मैं, मुझे ही ढूँढती फ़िर रही
गहरे अँधेरे - उजालों में....

बहुत कुछ खोते जा रही
चाह कुछ पाने में..... 


तू ही बता ए - जिंदगी,, 


तुझे , कैसे मैं जीती जा रही
गैर शहर की बाहों में.....।।


मेरी रचना मेरी कल्पना






Saturday, May 16, 2020

उसने पूछा मुझसे He asked me)


उसने पूछा मुझसे



एक दिन उसने , पूछा मुझसे
क्या यूँ ही नई - नई बातें होतीं रहेंगी मुझसे? 

सुना था उसने कहीं , किसी के मुख से
कि अकसर बातें हो जाती हैं बेज़ार 
रोज यूहीं करते - करते किसी से ।

मैंने उससे कहा हँस कर, 
                 छोड़ो भी ये सारी बातें अब से...।


ना हम ज़माने से  और ना ज़माना हमसे
जानती हूँ तो बस इतना कि , 
मुझे सच्ची मोहब्बत है तुमसे।

हाँ वक़्त बदलेगा, कम होने लगेंगी तेरी बातें मुझसे, 
पर ना होंगी ये बेज़ार, मेरी तुझसे...तेरी मुझसे।।


मेरी रचना मेरी कल्पना